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Home  The College Short History

संक्षिप्त इतिहास

कलि कलुष विंध्वसिनी माँ जाह्नवी एवं सदानीरा सरयू के डोड में अविमुक्त वाराणसी क्षेत्रान्तर्गत पूण्य सलिला तमसा के तट पर जनपद मऊ के मुख्यालय से 20 कि० मी० पूरब भृगुमुनी की पावन तपस्थली बलिया जनपद की सीमा पर अवस्थित विकास खण्ड रतनपुरा का अग्रणी उच्च शिक्षण संस्थान मर्यादा पुरुषोत्तम स्नातकोत्तर महाविद्यालय भूड़सुरी, रतनपुरा, मऊ की स्थापना इस ग्राम्यांचल के मानव मात्र के सतत्, समग्र बहुमुखी विकास तथा उन्नति के शिखर तक पहुचने के सशक्त साधन के रूप में पूर्वांचल के मालवीय, युग गौरव महामनीषी, प्रखर प्रज्ञा पुंज, सहकारिता आन्दोलन के अग्रणी प्रणेता कुशल राजनयिक एवं विधि नेता, जन जन के मसीहा, सच्चे कर्मवीर स्व० शिवशंकर सिंह (वकील साहब ) द्वारा 1972 में की गयी ।
पूर्वांचल की पावन कर्मभूमि पर अपने क्रिया-कलापों को कर्त्तव्य के साँचे में डालकर सम्मान के अधिकारी पूर्वांचल की शिक्षावाटिका को अपने कर्म कौशल की सुरभि से आमोद मग्न करने वाले शिक्षा के उत्तरोत्तर गुड़वत्तापूर्ण विकास के सजग प्रहरी अपने दायित्वों के निर्वहन में सदा सचेष्ट रहते हुए दलितों, पीड़ितों एवं दीन-दुखियों की सेवा हेतु अहर्निश अपने को समर्पित रखने वाले पूर्वांचल के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के मान सम्बहर्ष हेतु अक्षय योगदान करने वाले स्व० शिवशंकर सिंह (वकील साहब) द्वारा संस्थापित यह महाविद्यालय अपने स्थापना काल से ही निरन्तर अद्यतन अज्ञानान्धकार से तमसाच्छन्न ग्रामीण अंचल के जन-जन को शिक्षा एवं ज्ञान के प्रकाश से आलोकित करते हुए, अपने संरक्षक, प्रखर प्रतिभा के स्वामी रचना और निर्माण तथा सृजन एवं विकास में विश्वास एवं आस्था रखने वाले छात्रजीवन से ही राजनीतिक चिन्तन-धारा के कीर्तिमान ध्वजवाहक अपनी विशिष्ट कार्यशैली से क्षेत्र की प्रगति का आभास कराने वाले, निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के मूर्तिमान स्वरुप ही सुरेश बहादुर 'एडवोकेट' के सहृदयतापूर्ण संरक्षकत्व में अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कुशल शिक्षाविद, सर्वेभवन्तु सुखिनः में विश्वास रखने वाले सहजता और सरलता की प्रतिमूर्ति डा० राघवेन्द्र बहादुर सिंह के कुशल प्रबन्धकत्व में यह महाविद्यालय उत्तरोत्तर अपनी क्रियाशीलता प्रदर्शित करते हुए शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं अध्यात्मिक दृष्टि से परिपूर्ण एवं विकसित युवा पीढ़ी के निर्माणार्थ अपनी सम्पूर्ण क्रियाशीलता के साथ महाविद्यालय को गति प्रदान करने वाले रक्षा एवं स्त्रातजीय अध्ययन विषय के स्वर्ण पदक प्राप्त अध्येता, प्रशासनिक क्षमता में कीर्तिमान स्थापित करने वाले प्राचार्य डा० सुरेश सिंह के निर्देशन में यह महाविद्यालय उत्तरोत्तर विकास पथ पर अग्रसर है ।

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Last Updated On: 23 March 2015, 02:30 PM    Designed By: Shining Softech

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